निर्माणाधीन जखोल लिवाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण एक दशक बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। मार्ग नहीं बनने से लिवाड़ी, फिताड़ी, रेक्चा, कासला एवं हरिपुर गांव के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मार्ग पर खेड़ा घाटी में लकड़ी के बने पुल से क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
विकासखंड मोरी के लिवाड़ी, फिताड़ी, रेक्चा, कासला व हरिपुर गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2013 में जखोल लिवाड़ी मार्ग का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन 20 किमी लंबे मोटर मार्ग का निर्माण कार्य एक दशक बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। यहां प्रथम फेज में 17 किमी कासला तक कटिंग का कार्य पीएमजीएसवाई ने किया है। अब तीन किमी आगे लिवाड़ी गांव तक कटिंग का कार्य व पूूरे मोटर मार्ग पर डामरीकरण कार्य वेबकोस संस्था द्वारा किया जा रहा है।
हरिपुर के पूर्व प्रधान प्रहलाद सिंह रावत का कहना है कि सड़क कटिंग का कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया है और न ही यहां अभी तक पुलों का निर्माण किया गया है। पूर्व प्रधान रावत ने संस्था की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई के समय के ठेकेदार से ही निर्माण कार्य करवा रही है। विभाग तो बदल दिए गए हैं, लेकिन ठेकेदार वही है। पूर्व प्रधान ने सीएम को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
- शेष तीन किमी सड़क का कटिंग कार्य कठोर चट्टान (हार्ड रॉक) आने से प्रभावित हुआ है। करीब डेढ़ किमी के दायरे में कठोर चट्टान है। वहीं खेड़ा घाटी में पुल निर्माण के लिए एक स्तंभ का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जल्द मोटर मार्ग निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। -एसके कुकरेती, अधिशासी अभियंता वेबकोस।