मानदेय बढ़ोत्तरी सहित तीन सूत्री मांगों के लिए आंदोलित पार्ट टाइम दाइयों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कड़ा रोष जताया है।
कलक्ट्रेट परिसर स्थित ऑडिटोरियम के बाहर धरने पर बैठी संगठन की अध्यक्ष इंद्रादेवी ने कहा कि वह स्वास्थ्य केंद्रों व उपकेंद्रों में वर्ष 1995 से सेवा दी रही हैं, लेकिन आज सातवां वेतनमान लागू होने के बाद भी उन्हें केवल चार सौ रुपये वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने मानदेय 15 हजार करने, चतुर्थश्रेणी कर्मी के रुप में तैनाती देने, 60 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी दाईयों को एक मुश्त रकम या पेंशन का लाभ देने की मांग उठाई। संगठन की अध्यक्ष ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में होने के बावजूद किसी अधिकारी-कर्मचारी ने उनकी सुध नहीं ली। कुछ खाए-पिए ही उन्होंने पूरी रात परिसर में ही गुुजारी है। धरना देने वालों में चंद्रभागा, सत्येश्वरी, भुवना, सौली, सुलोचना, बंसती, कमला, सुमित्रा, अतरा, लक्ष्मी, पींगला, उजला, सौली, लक्ष्मी, फगणी, रजनी आदि शामिल रहे।