राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विलय करने का विरोध
पुरोला/मोरी। शिक्षा विभाग की क्लस्टर नीति के तहत राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को राजकीय इंटर कॉलेज मोरी में विलय करने पर अभिभावकों ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को अलग से शिक्षा देने के लिए सरकार की ओर यह व्यवस्था की गई थी। वहीं अब इसे समाप्त कर उनके अधिकारों का हनन किया जाएगा। इसलिए अगर यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता तो वह आंदोलन करेंगे। यदि जल्द ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में अभिभावक एकत्रित हुए। वहां उन्होंने सरकार की क्लस्टर नीति का कड़ा विरोध किया। राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोरी ब्लॉक का एकमात्र कन्या हाईस्कूल है। कहा कि एक ओर सरकार बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा दे रही है।
वहीं दूसरी ओर वह बेटियों के एकमात्र स्कूल को भी बंद करने जा रही है। जब अन्य विकासखंडों में कन्या हाईस्कूलों के साथ-साथ कन्या इंटर कॉलेज भी हैं तो सरकार को इस कन्या हाईस्कूल का भी उच्चीकरण कर कन्या इंटर कॉलेज बनाना चाहिए था न कि इसे बंद करना। वहीं इस विलय से कन्या विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं शिक्षा से वंचित रह जाएंगी जिससे बेटियों की पढ़ाई और प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने सरकार की इस क्लस्टर नीति को वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर विद्यालय अभिभावक संघ की अध्यक्ष राजकुमारी देवी, विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष प्रमिला देवी, करम चंद, अमर सिंह, सुरेखा, जुनारी देवी आदि मौजूद थे।