ग्रामीण क्षतिग्रस्त मार्गों व पुलों से आवाजाही के लिए हैं मजबूर
बड़कोट। तहसील के कुपड़ा, कुनसाला, त्रिखली गांव में आपदा के करीब दो सप्ताह बाद भी हालात नहीं बदले हैं। ग्रामीण क्षतिग्रस्त मार्ग और पुल से ही आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर अभी तक वैकल्पिक मार्ग का निर्माण भी शुरू नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने स्यानाचट्टी के घराट से त्रिखली गांव तक ट्रिपल स्टेप आरसीसी सुरक्षा दीवार लगाने के साथ ही वैकल्पिक मार्ग निर्माण की मांग की है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य भगतसिंह राणा, चंद्रमोहन राणा, महावीर पंवार, प्रवीन राणा,एलम रावत, जयपाल सिंह रावत, बलदेव सिंह का कहना है कि दो सप्ताह का समय हो गया है लेकिन कुपड़ा, कुनसाला और त्रिखली की अभी तक प्रशासन ने सुध नहीं ली है। क्षतिग्रस्त मार्ग और पुल होने के कारण स्थानीय निवासियों और बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है।
वहीं पैदल क्षतिग्रस्त मार्गों पर ऊपर से मलबा गिरने का भय बना रहता है। डीएम ने पीएमजीएसवाई को तीनों गांव को जोड़ने वाले मार्ग की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए थे। वहीं पुल के क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक मार्ग निर्माण को भी कहा था लेकिन अभी तक उस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे बारिश में बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैंं। वहीं प्रशासन की अनदेखी के कारण अब ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही उनके आवागमन के मार्गों को ठीक नहीं किया जाता है तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।