योजनाओं का भूगर्भीय और अन्य तकनीकी परीक्षण का कार्य हुआ पूरा
जायका परियोजना के तहत होना है योजनाओं का पुनर्गठन : विधायक
नई टिहरी। जिला मुख्यालय नई टिहरी, चंबा और काणाताल-धनोल्टी क्षेत्र के लोगों को पानी की किल्लत से राहत देने के लिए पंपिंग योजनाओं के पुनर्गठन की कवायद पूरी कर ली गई है। तीनों परियोजनाओं का भूगर्भीय और अन्य तकनीकी परीक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। जायका परियोजना के तहत नई टिहरी शहर, चंबा नगर और पर्यटन क्षेत्र काणाताल-धनोल्टी के लिए पंपिंग योजनाओं का पुनर्गठन किया जाना है।
विधायक किशोर उपाध्याय ने यह जानकारी दी है। उन्होेंने बताया कि उत्तराखंड पेयजल निगम ने नई टिहरी शहर, चंबा नगर और पर्यटन क्षेत्र काणाताल-धनोल्टी के लिए पंपिंग योजनाओं के पुनर्गठन का सर्वे पूरा कर प्रस्ताव तैयार कर लिया है। तीन क्षेत्रों में पंपिंग योजनाएं बनने के बाद लोगों को पानी की किल्लत की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि नई टिहरी के लिए पेयजल निगम ने 158 करोड़ 55 लाख 91 हजार रुपये की पुनर्गठित योजना तैयार की है। यह प्रस्ताव उत्तराखंड पेयजल निगम के माध्यम से जायका परियोजना के लिए भेज दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
योजना के तहत कोटेश्वर जलाशय से पांच चरणों में पानी पंप कर नई टिहरी में प्रस्तावित शीर्ष जलाशय तक पहुंचाया जाएगा। चंबा नगर पालिका क्षेत्र के लिए 132 करोड़ 80 लाख 11 हजार रुपये की पेयजल योजना तैयार की गई है। यह प्रस्ताव भी जायका परियोजना के लिए प्रेषित किया जा चुका है।
योजना में कोटेश्वर से चार चरणों में पानी पंप कर चंबा के रैसाड महादेव मंदिर के पास प्रस्तावित जलाशय तक पहुंचाया जाना है। काणाताल, धनोल्टी क्षेत्र वर्षभर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं लेकिन क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों की कमी के कारण पानी का संकट बना रहता है। होटल और होम स्टे संचालकों की समस्या को देखते हुए पेयजल निगम ने नई पेयजल योजना के लिए सर्वे पूरा कर लिया है। योजना की परियोजना रिपोर्ट, भूगर्भीय परीक्षण और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए 2 करोड़ 50 लाख 30 हजार रुपये का प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा गया है। योजना से काणाताल, कद्दूखाल और धनोल्टी आसपास के क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति होगी।