गांव की सुख समृद्धि एवं खुशहाली के लिए सुनारा गांव में आयोजित नौ दिवसीय नवरात्र कार्यक्रम विधि विधान के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान गांव के थाती चौक में नवगृह की पूजा अर्चना के साथ ही पांडव नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे।
सुनारा गांव में थाती चौक पर नौ दिन तक नवरात्र पूजन अनुष्ठान किया गया। शुरूआती आठ दिन तक गांव में नव गृहों की विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही पांडव नृत्य किया गया। कालरात्रि को पूरी रात थाती चौक में पांडव पश्वाओं ने नृत्य किया। रात 12 बजे पांडव पश्वाओं ने गांव की चारों दिशाओं में रक्षासूत्र बांधकर नकारात्मक शक्तियों के गांव में प्रवेश को प्रतिबंधित किया। अंतिम प्रहर में देवता के पश्वा निषाणों के साथ यमुना नदी पहुंचे। रात खुलने से पहले यमुना में स्नान कर देवताओं की गांव वापसी पर भव्य स्वागत किया गया। अंतिम दिन गांव में हाथी के स्वांग का आयोजन किया गया, जिसमें लकड़ी से बने हाथी पर बैठकर पश्वाओं ने ग्रामीणों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। समापन पर अखंड ज्योति के निकट उगाई गई हरियाली परिवार के मुखियाओं को बांटी गई। थाती पूजन में बैठे पंडित गुरु प्रसाद बिजल्वाण एवं राहुल नौटियाल ने बताया कि हर एक वर्ष बाद गांव में नवरात्र पूजन का आयोजन किया जाता है। ग्राम प्रधान कुलदीप रावत ने बताया कि अब वर्ष 2022 में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।