कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हो रहे पारंपरिक कारोबारों के बीच युवाओं के एक संगठन ने स्वरोजगार सृजन की अनूठी पहल की है। कर्तव्य फाउंडेशन फॉर एजूकेशन एंड सोशल वेलफेयर के सहयोग से उठाए गए इस कदम के तहत भटवाड़ी ब्लॉक के गोरसाली गांव में मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित की गई, जहां जैविक तरीके से तैयार ओयस्टर मशरूम को बेचकर आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं।
कर्तव्य फाउंडेशन के शुभम पंवार ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद जैविक कृषि उत्पादों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, जिसे देखते हुए मई में मशरूम की ओयस्टर प्रजाति का उत्पादन शुरू करने की योजना बनाई गई थी। इसके तहत गोरसाली गांव की श्रुति रावत के सहयोग से एक पुराने खाली घर में करीब एक टन की क्षमता वाली मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित की गई।
करीब 35 हजार रुपये की लागत से तैयार हुई यूनिट को स्थापित करने में गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने आर्थिक मदद की। यूनिट के संचालन के लिए सिद्धार्थ, पृथ्वी, सुधीश, दीप्ति, दीक्षा, विशाल, देवेंद्र, दीपेंद्र, सोनम आदि युवाओं को भी टीम से जोड़ा गया। करीब एक माह की कड़ी मेहनत के बाद यूनिट में करीब 50 से 60 किलो ओयस्टर मशरूम तैयार हो गया है। मशरूम की कीमत 300 रुपये प्रति किलो तय की गई है। उन्होंने सभी लोगों से स्थानीय जैविक उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की।