उत्तरकाशी। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमित के मामले में एक बड़ी चूक सामने आई। यहां से कोरोना के दो संदिग्ध मरीजों के साथ ही एक कोरोना संक्रमित को भी डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। संदिग्धों में देहरादून में दम तोड़ने वाले कोरोना संक्रमित युवक के माता-पिता हैं। डीएम ने इस चूक को गंभीरता से लिया है। कार्मिक के निलंबन की तैयारी है। वहीं, तीनों मरीजों को वापस जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक बीती 16 जून को दिल्ली से लौटा डुंडा ब्लॉक का एक युवक देहरादून से आने की जानकारी देकर होम क्वारंटीन हो गया था। पांच दिन होम क्वारंटीन रहने के बाद बुखार की शिकायत पर उसे 21 जून को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
23 जून को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तथ्य छिपाने के मामले में प्रशासन ने युवक के खिलाफ केस भी दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को उसके गांव की बस्ती को कंटेनमेंट जोन बनाकर यहां आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई।
बृहस्पतिवार शाम ग्रामीण चौंक गए, जब वह युवक अस्पताल से वापस अपने घर पहुंच गया। ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को इसकी सूचना दी। उधर, देहरादून में जिस कोरोना संक्रमित उत्तरकाशी के युवक की मौत हुई, उसके माता-पिता भी बृहस्पतिवार शाम डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गए। वह ट्रूनेट मशीन से जांच में पॉजिटिव निकले थे। इससे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। चूक का पता चलते ही हरकत में आए प्रशासन ने इन तीनों को तुरंत घर से वापस लाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
जिला अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेजा जाना गंभीर चूक है। इस मामले की पड़ताल की जा रही है। गलत ढंग से डिस्चार्ज करने वाले कार्मिक को निलंबित किया जा रहा है।
डॉ. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।