बीते दिनों भारी बारिश के कारण जिले में प्रभावित हुई यातायात व्यवस्था अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है। दो दिनों से बारिश का सिलसिला थमने से सड़क निर्माण विभागों ने कुछ सड़कों पर तो यातायात बहाल कर दिया है, लेकिन आपदा प्रभावित क्षेत्र की कई सड़कें अभी तक अवरुद्ध हैं। इससे ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि बीते 17 और 18 अगस्त को हुई भारी बारिश के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे समेत करीब तीन दर्जन से अधिक मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए थे। दो दिनों से जिले में बारिश का सिलसिला थमा होने पर इनमें से अधिकांश सड़कों पर यातायात बहाल कर लिया गया है। मनेरा-दिलसौड़, तेखला-मनेरा बाइपास, आराकोट-टिकोची, टिकोची-सिरतोली, बरनाली-माकुड़ी, बरनाली-झोटाणी, बरनाली-चिंवा-मोंडा, नैटवाड़-सेवा, देवीधार-रनाड़ी, स्यालना-सरतली, खालसी-बिंगसारी, गढ़वालगाड आदि सड़कों पर अभी तक यातायात बहाल नहीं हो पाया है। आराकोट-सनेल-रोहड़ू हाईवे भी आराकोट के पास अभी अवरुद्ध है। यमुनोत्री हाईवे मंगलवार सुबह करीब सवा नौ बजे डामटा के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हुआ। यहां एक घंटे के भीतर मलबा हटाकर यातायात बहाल कर लिया गया। गंगोत्री हाईवे पर फिलहाल यातायात सुचारु है। ब्यूरो