बृहस्पतिवार रात को जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्गों पर भारी पड़ी। बारिश में भूस्खलन सक्रिय होने के कारण यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत जिले की एक दर्जन सड़कें बंद हो गईं। यमुनोत्री में हाईवे बंद होने से यात्री वाहन घंटों तक फंसे रहे। कुछ समय बाद इन सड़कों पर यातायात बहाल तो कर दिया, लेकिन भूस्खलन के कारण यातायात जोखिम भरा बना है।
बारिश से बड़ेथी चुंगी में भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे बंद हो गया। तब प्रशासन ने मनेरा बाईपास से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है। इससे गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु तो हो गया लेकिन वाहनों को करीब पांच किमी अतिरिक्त दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। उधर यमुनोत्री हाईवे ओजरी डबरकोट, डंडालगांव, ओरछा बैंड, कुथनौर और ब्रह्मखाल के पास भूस्खलन से बंद हो गया जिससे इन स्थानों पर यात्री वाहन घंटों तक फंसे रहे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे तक एनएच के कर्मचारियों ने इन स्थानों से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया। हाईवे के अलावा जिले में गंगोरी-संगमचट्टी, घनसाली-तिलवाड़ा, कामदा, मुसाईं-सट्टा, धौंतरी-सिरी, बंदरकोट-पंजियाला, खरसाड़ी-जिवाणु आदि संपर्क मार्ग भी जगह-जगह भूस्खलन के कारण बंद हो गए। ग्रामीणों को जानजोखिम में डालकर यहां से पैदल आवाजाही करनी पड़ी।
लामबगड़ में दस घंटे बाद सुचारु हुई बदरीनाथ हाईवे
जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दस घंटे बाद आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया। भारी बारिश के दौरान बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे लामबगड़ में भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था। शुक्रवार सुबह से ही एनएच हाईवे खोलने में जुट गया। बदरीनाथ धाम पर जा रहे तीर्थयात्रियों को लामबगड़ में ही रुकना पड़ा और देखते ही देखते यहां वाहनों की लाइन लग गई। कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर बारह बजे एनएच के कर्मचारियों ने लामबगड़ में हाईवे खोल दिया तो यात्रियों ने राहत की सांस ली। तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि लामबगड़ में हल्की बारिश होने पर भी हाईवे पर मलबा और बोल्डर आ रहे हैं।