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लॉ, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज का वादा करेंगे तो मिलेगा वोट

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जिले में उच्च शिक्षण संस्थानों की दयनीय स्थिति व मेडिकल तथा इंजीनियरिंग संस्थानों का अभाव बना हुआ है। जनपद मुख्यालय के पीजी कालेज में चित्रकला विषय तो है, लेकिन शिक्षक नहीं होने से छात्र-छात्राएं इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं जनपद के युवा लंबे समय से लॉ की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की मांग कर रहे हैं। पीजी कालेज में संगीत विषय भी नहीं है। इसके अलावा जनपद में न तो कोई इंजीनियरिंग संस्थान है और न ही कोई मेडिकल संस्थान है। जिससे स्थानीय युवाओं को राज्य के अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। अब युवा इन सुविधाओं के लिए मुखर हो रहे हैं। युवाओं का कहना है कि उच्च शिक्षा की बेहतरी की बात करने वाले व मेडिकल तथा इंजीनियरिंग संस्थानों की स्थापना का भरोसा देने वाले प्रत्याशी का ही समर्थन किया जाएगा।
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-सीमांत जनपद में उच्च शिक्षा की स्थिति दयनीय है। जनपद में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। बेहतर कार्य करने का भरोसा देने वाले को वोट दिया जाएगा। -भाष्कर सेमवाल, स्थानीय युवा धनारी क्षेत्र।
जिले में लॉ कॉलेज नहीं है। युवाओं को लॉ करने के लिए पौड़ी, टिहरी, चमोली व देहरादून जाना पड़ता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं लॉ नहीं कर पाते हैं। -राहुल भारती, स्थानीय युवा बड़कोट।
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जनपद में कोई भी इंजीनियरिंग कालेज नहीं है। बड़ी संख्या में छात्र अन्य शहरों में संचालित हो रहे कालेजों में अध्ययनरत हैं। जनपद का युवा इंजीनियरिंग संस्थान खोलने का आश्वासन चाहता है। -अमरीश नौटियाल, स्थानीय निवासी।
- एक भी एएनएम सेेंटर व बीएससी नर्सिंग का कालेज नहीं है। छात्राओं को इन सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राएं मेधावी होने की बावजूद सुविधाओं से वंचित रह जाती हैं। -आकृति रमोला, छात्रा पीजी कालेज उत्तरकाशी।
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