चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित भल्डगांव के 35 परिवारों के पुनर्वास की लड़ाई अब आंदोलन से निकलकर तकनीकी जांच के निर्णायक दौर में पहुंच गई है। एक माह के भीतर विशेषज्ञ समिति से स्थलीय निरीक्षण कराने के प्रशासन के आश्वासन के बाद वैज्ञानिकों की टीम ने भल्डगांव और चिन्यालीसौड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया।
भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रामसुन्दर नौटियाल ने विशेषज्ञ समिति के साथ बैठक में हडियाड़ी के समीप हो रहे भू-क्षरण और विकासखंड परिसर के नीचे जोगथ मोटर मार्ग से पीपल मंडी तक लगातार हो रहे भू-क्षरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने चिन्यालीसौड़ कस्बे की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार समेत आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों पर भी जोर दिया।
भल्डगांव के 35 परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीण 31 दिनों तक धरने पर बैठे थे। पिछले माह ग्रामीणों ने धरने को जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर समाप्त किया। उस दौरान पुनर्वास निदेशक और जिला प्रशासन ने एक माह के भीतर विशेषज्ञ समिति से स्थलीय निरीक्षण कराने का भरोसा दिया था।