गंगोत्री मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना के बाद फोटो खिंचवाते सुप्रीम कोर्ट की हाईपावर कमेटी के ?
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी ने भागीरथी इको सेंसिटिव जोन बनने के बाद गंगा घाटी क्षेत्र में हुए सड़क आदि निर्माण कार्यों पर संतुष्टि जताई है। हालांकि टीम ने गंगोत्री हाईवे के डबराणी, सुक्की टॉप आदि कुछ स्थानों की संवेदनशील स्थिति को लेकर चिंता भी जाहिर की है। टीम ने प्रशासन को यहां सावधानी पूर्वक कदम उठाने की राय दी है।
ऑल वेदर रोड परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों की पड़ताल के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित 12 सदस्यीय हाई पावर कमेटी विगत दो दिनों से जिले का भ्रमण कर रही है। इसी क्रम में कमेटी के सदस्यों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय से गंगोत्री धाम तक के 100 किमी लंबे भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन का सर्वे किया, जिसके तहत टीम ने गंगोत्री हाईवे पर हुए सड़क चौड़ीकरण कार्यों और जगह-जगह विकसित हुए लैंडस्लाइड जोन एवं नदी से हुए कटाव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों के अलावा हर्षिल, सुक्की आदि क्षेत्रों के स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर ईको सेंसिटिव जोन एवं ऑल वेदर रोड की जरूरत पर चर्चा की। उधर, गंगोत्री धाम में दर्शन करने के बाद टीम ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल आदि पुरोहितों ने ईको सेंसिटिव जोन के कारण लंबित मुखबा-जांगला मोटर मार्ग का निर्माण कराने, गंगोत्री में नदी तल पर जमा मलबे को हटाने और स्नान घाटों का निर्माण कराने की मांग की, जिस पर टीम ने जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया। इस बीच टीम ने गंगोत्री धाम स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। साथ ही धाम में स्वच्छता एवं सीवर ट्रीटमेंट को लेकर प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतुष्टि जताई।
टीम के चेयरमैन व पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन बनने के बाद से गंगा घाटी क्षेत्र में संतुलित विकास हुआ है। गंगोत्री हाईवे पर हुए सड़क चौड़ीकरण आदि निर्माण कार्य भी पर्यावरणीय मानकों के अनुकूल हैं। हालांकि डबराणी, सुक्की टॉप आदि कुछ स्थानों पर स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है, जिसको लेकर संबंधित अधिकारियों को सावधानी पूर्वक कदम उठाने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय से गंगोत्री धाम के बीच ऑल वेदर रोड के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की मिली जुली राय है। कुछ लोग मौजूदा सड़क से संतुष्ट हैं, जबकि कुछ ने सड़क चौड़ीकरण की मांग की है। इन सभी विचारों को लेकर गहन शोध व विचार विमर्श के बाद ही कोई संतुलित व सुरक्षित तरीका तलाशा जाएगा। जिले के यमुना व गंगा घाटी क्षेत्रों में किए गए सर्वे को लेकर टीम अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। इस मौके पर कमेटी के एससी कटियार, अरविंद सिंह हयांकी, आरएस राव, डॉ. अनिल शर्मा, आशीष पांडा, डॉ. हेमंत ध्यानी आदि सदस्यों के साथ ही डीएम डॉ. आशीष चौहान, बीआरओ के कमांडर सुनील श्रीवास्तव, एसडीएम देवेंद्र नेगी आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।