उत्तरकाशी संस्कृत महाविद्यालय में छात्रों को संस्कृत भाषा सिखाते शिक्षक। संवाद
उत्तरकाशी। श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित संस्कृत प्रबोधन वर्ग के पांचवें दिन छात्र-छात्राओं को संस्कृत भाषा सीखने, बोलने और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया।
भाषा को सीखने के लिए चार कौशल होते हैं। पहला श्रवण करना ( सुनना), लिखना, बोलना और नियमित अभ्यास करना। उक्त चार कौशल होने पर बिना पुस्तक की सहायता के हम संस्कृत बोलना सीख सकते हैं। अभिनय के माध्यम से भी संस्कृत भाषा को आसानी से सीखा जा सकता है। इस मौके पर संस्कृत भारती के प्रांत संगठन मंत्री गौरव शास्त्री, प्रधानाचार्य डॉ. द्वारिका प्रसाद, प्रबंधक डॉ. राधे श्याम खंडूड़ी, राकेश शर्मा, डॉ. प्रदीप सेमवाल, दीपक कुमार, शुभम, कुलदीप मैंदोला, शिवानी, अनिल बहुगुणा, नरेश भट्ट उपस्थित रहे। संवाद