जिले के विभिन्न प्रभागों में बढ़ रही है वनाग्नि की घटनाएं
उत्तरकाशी। धरासू रेंज के तहत ब्रह्मखाल और पनोथ के जंगलों में बुधवार को दिनभर आग भड़की रही लेकिन वन विभाग की ओर से आग पर काबू नहीं पाया जा रहा है। शीतकाल में बारिश नहीं होने के कारण आए दिन जनपद के विभिन्न प्रभागों में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ रही है।
शीतकाल में उत्तरकाशी वन प्रभाग सहित अपर यमुना वन प्रभाग की विभिन्न रेंजों में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण आए दिन कहीं न कहीं जंगल जल रहे हैं। इससे जिले में धुंध देखने को मिल रही है। वहीं, वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर इसे फायर कंट्रोल बर्निंग का नाम दिया जा रहा है।
उत्तरकाशी वन प्रभाग के तहत पिछले दिनों मुखेम, डुंडा, बाड़ाहाट के जंगल जलते रहे तो यमुना वन प्रभाग में भी कई दिन तक जंगल जले। बुधवार को धरासू रेंज के तहत ब्रह्मखाल और पनोथ के आसपास के जंगल दिनभर जलते रहे। इससे वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है इसके बावजूद वन विभाग की ओर से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं जबकि इसके नाम पर विभाग की ओर से हर वर्ष करोड़ों की धनराशि खर्च की जाती है। धरासू रेंज अधिकारी जगमोहन गंगाड़ी का कहना है कि यह आग फायर कंट्रोल बर्निंग के तौर पर लगाई गई। स्थिति नियंत्रण में है।