उत्तरकाशी। संग्राली गांव में आयोजित ध्याणी मिलन कार्यक्रम उत्साह, उल्लास और पारंपरिक लोक संस्कृति के रंगों में रंगा रहा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से अपने मायके पहुंचीं ध्याणियों का ग्रामीणों ने स्वागत और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान गांव में पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भाग लिया।
मंगलवार को संग्राली गांव में कंडार देवता मंदिर परिसर में ध्याणियां एकत्रित हुई। इस दौरान पारंपरिक ढोल-दमाऊं और अन्य लोक वाद्य यंत्रों की मधुर थाप पर ध्याणियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रासो नृत्य किया। ध्याणी समिति की अध्यक्ष सुनीता नौटियाल, संगीता कंसवाल, वंदना नौटियाल, पुष्पा भट्ट, मीना नौटियाल ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल ध्याणियों और उनके मायके के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करते हैं बल्कि नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। संवाद