गंगोत्री हिमालय क्षेत्र के रुद्रगेरा पीक को फतह करते कोलकाता की वाइस ऑफ वर्ल्ड संस्था के सदस्य।
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जीवन में कुछ करने व पाने की चाह हो तो शारीरिक विषमताएं भी मनुष्य को उसका लक्ष्य हासिल करने से नहीं रोक सकती हैं। ऐसा उदाहरण पेश किया है वॉइस ऑफ वर्ल्ड संस्था के पांच दिव्यांगजनों के दल ने। इन्होंने अपनी शारीरिक कमियों को मात देते हुए गंगोत्री हिमालय स्थित रुद्रगेरा पीक का सफलता पूर्वक आरोहण किया है।
असहाय व दिव्यांग बच्चों के लिए कार्य कर रही कोलकाता की वॉइस ऑफ वर्ल्ड संस्था का दल विगत 12 सितंबर से उत्तरकाशी के भ्रमण पर आया हुआ है। 92 सदस्यों के इस दल में 60 बच्चे भी शामिल हैं। इनमें से 45 बच्चे व युवा विभिन्न दिव्यांगताओं से ग्रस्त हैं। संस्था के प्रवक्ता साइबाल गुहा ने बताया कि इस भ्रमण कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों के दल को कैंपिंग व ट्रैकिंग के लिए वरुणावत पर्वत के शीर्ष पर स्थित शिखरेश्वर एवं विमलेश्वर मंदिर ट्रैक पर ले जाया गया। साथ ही तेखला स्थित पतंजलि के प्लांट पर ले जाकर विभिन्न जानकारियां भी दी गई।
संस्था के दस सदस्यों का दूसरा दल विगत 17 तारीख को गंगोत्री-रुद्रगेरा अभियान पर गया। आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अभियान में 16 से 20 वर्ष आयु के तीन नेत्रहीन युवा शुभेंद्र मांझी, सुखदेव भल्ला व वासुदेव भल्ला सहित दिव्यांग पर्वतारोही इंद्रनाथ मुखर्जी व उज्ज्वल घोष भी शामिल रहे। छह दिनों के इस अभियान के दौरान सभी लोगों ने करीब 20 किलोमीटर ट्रैकिंग करने के बाद समुद्र तल से 5819 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रगेरा पीक को फतह किया। उन्होंने बताया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद दल के पांचों दिव्यांगजनों ने अपने जज्बे के बल पर इस अनूठे अभियान को पूरा किया।
संस्था की संस्थापक गार्गी गुप्ता ने बताया कि इस वार्षिक भ्रमण कार्यक्रम का उद्देश्य असहाय व दिव्यांग बच्चों को दुनिया और जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचय कराकर उनके भीतर आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता का भाव विकसित करना है। ताकि वह अपने बलबूते पर सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने इस भ्रमण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तपोवनी माता आश्रम के स्वयंसेवियों, आईटीबीपी के अधिकारियों, माधव भट्ट, हरीश डंगवाल आदि का धन्यवाद किया।