अन्न जल त्याग करने वाले शिक्षक पर विभाग विभागीय कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। विभाग का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय से निर्णय आने तक विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। शिक्षक बेवजह मामले को तूल दे रहा है।
जीआईसी मोरी में तैनात हिंदी प्रवक्ता प्रवीण कुमार तिवारी ने शिक्षक दिवस के दिन से अन्न जल त्याग दिया था। वर्ष 2011 में प्रवीण कुमार की हिंदी प्रवक्ता पद पर तैनाती हुई थी। प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि उन्हें वर्ष 2016 से चयन वेतनमान प्राप्त होना था, लेकिन अभी तक चयन वेतनमान नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं उन्हें एरियर व बोनस का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है, जबकि इस संबंध में वह कई बार विभागीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत कर चुके हैं। लेकिन समस्या हल नहीं हो रही है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं। वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद सेमल्टी ने कहा कि शिक्षक बेवजह मामले को तूल दे रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। यदि शिक्षक को कई बार समझाया भी जा चुका है। बावजूद वे नहीं मा रहे हैं। यदि जल्द शिक्षक ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।