देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के खिलाफ चल रहे आंदोलन में अब यमुनोत्री धाम के तीर्थपुरोहित भी शामिल हो गए हैं। बुधवार से खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू करते हुए पुरोहितों ने बोर्ड को भंग करने की मांग की। साथ ही कोरोना महामारी के बीच चारधाम यात्रा शुरू करने के निर्णय का विरोध जताया। वहीं गंगोत्री धाम व मुखबा गांव में सातवें दिन भी गंगोत्री के पुरोहितों का धरना जारी रहा।
सरकार की ओर से एक जुलाई से शुरू की गई चारधाम यात्रा के बीच बुधवार को यमुनोत्री धाम के तीर्थपुरोहितों ने देवस्थानम बोर्ड के विरोध में धरना शुरू कर दिया है। मां यमुना के मायके खरसाली गांव में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को धार्मिक परंपराओं व पुरोहित समाज के हक हकूकों के लिए खतरा बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की आवाजाही से धाम व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण फैल सकता है। इसलिए हालात की गंभीरता को देखते हुए सुबह व शाम की पूजा के बाद यमुनोत्री मंदिर को बंद रखा जाएगा। साथ ही यात्रियों को मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर तप्त कुंडों को भी बंद किया जा सकता है। विरोध जताने वालों में पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन उनियाल, जगमोहन उनियाल, कृत्तेश्वर उनियाल, सुभाष उनियाल, चद्रकांत उनियाल आदि शामिल रहे।
उधर, गंगोत्री धाम के पुरोहितों ने बुधवार को सातवें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। गंगोत्री मंदिर व मुखबा गांव में प्रदर्शन करते हुए पुरोहितों ने देवस्थानम बोर्ड व चारधाम यात्रा आरंभ करने पर रोष जताया। इस मौके पर सुधांशु सेमवाल, राकेश सेमवाल, राजेश सेमवाल, प्रेमवल्लभ सेमवाल, गोवर्धन सेमवाल आदि पुरोहित शामिल रहे।
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पांडुकेश्वर की महिलाओं ने किया यात्रा का विरोध
जोशीमठ। पांडुकेश्वर की महिलाओं ने चारधाम यात्रा शुरू करने का विरोध किया है। उन्होंने बुधवार को बदरीनाथ जाते समय डीएम स्वाति एस भदौरिया से पांडुकेश्वर के पास मुलाकात की। यात्रा शुरू न किए जाने को लेकर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। पांडुकेश्वर की ग्राम प्रधान बबीता देवी का कहना है कि पहले भी कई बार प्रशासन को इस संबंध में लिखित में दिया जा चुका है। अभी से यह क्षेत्र कोरोना मुक्त है, लेकिन बाहर से लोगों के आने पर यहां भी कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका है। ज्ञापन देने वालों में सरस्वती देवी, मनोरमा मेहता, ऊषा देवी, सतेश्वरी देवी आदि शामिल रहे।