भटवाड़ी के ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
34 वर्षों से ग्रामीण कर रहे हैं जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की मांग
उत्तरकाशी। भटवाड़ी सहित आसपास के ग्रामीणों ने विकासखंड मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में 34 वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़े भवनों को ध्वस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय परिसर के बीच जर्जर भवन हादसों को न्योता दे रहे हैं। साथ ही इनके ध्वस्तीकरण के बाद वहां पर केंद्रीय विद्यालय के मानकों के अनुरूप फिलहाल अस्थायी कमरे बनाकर उसको शुरू किया जा सकता है।
भटवाड़ी के जनप्रतिनिधियों सहित स्थानीय निवासी अनिल रावत, केशव कुमार नौटियाल, जितेंद्र रतूड़ी, यूसूफ खान आदि नेे इस संबंध में जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से भटवाड़ी विकासखंड में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन और राज्य प्राधिकरण की उदासीनता के चलते यह वर्ष 2014 से अधर में लटका हुआ है।
स्थानीय लोग केंद्रीय विद्यालय को खोलने को लेकर मानकों के अनुरूप प्रशासन को अपना सुझाव दे चुके हैं। केशव कुमार नौटियाल ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज भटवाड़ी में वर्ष 1987-88 में दो मंजिला स्टाफ क्वार्टर का निर्माण किया गया था। वह वर्ष 1991 के भूकंप में जर्जर हो गए थे। उसके 34 वर्ष बीतने के बावजूद जर्जर भवनों को हटाया नहीं गया है।
यह विद्यालय परिसर में हादसों को न्योता दे रहे हैं। इसलिए अगर इन भवनों को ध्वस्त कर फिलहाल केंद्रीय विद्यालयों को शुरू करने के लिए अस्थायी व्यवस्था पर वहां पर कक्षों का निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए लोनिवि की ओर से भी करीब 11.50 लाख का आकलन तैयार किया गया था लेकिन उसको भी स्वीकृति नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन किया जाएगा।