आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का 12 सूत्री मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना छठवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर न्यूनतम 21 हजार वेतन की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
शनिवार को आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष गीता नेगी के नेतृत्व में धरना देकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। उन्होंने सीएमओ को दिए ज्ञापन में सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवानिवृत्त पर पेंशन, दुर्घटना पर एक मुश्त पैकेज समेत 12 सूत्री समस्याओं के निराकरण की मांग की। धरना देने वालों में सुषमा रावत, बीना नेगी, अनीता थपलियाल, प्रमिला नेगी, पूनम सेमवाल, सुशील पंवार, आशा सजवाण, शाकांबरी डबराल, चेतना नेगी, भुवनेश्वरी चमोली, सुमन लता उनियाल, लक्ष्मी नेगी, सरला चौहान, मधुबाला जोशी, सुषमा सकलानी, रेखा भट्ट बैठी रही।
उधर, पुरोला में आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों में संगठन की अध्यक्ष अंबेश्वरी देवी, संगीता, ममता, बीना, शिशमा, सुनीता, नर्वदा, जयमाला, कविता, चंद्रकला, राजमाला, पुष्पा, उर्मिला, मनीषा, सरोज, कृष्णा, शशि, सीमा, कुसुम, अंबिका आशा फैसिलिटेटर बीना, मीना, सरोज, अंजना, जगदंबा, सरिता आदि मौजूद रहे। संवाद