औषधीय पादपों की खेती डुुंडा विकासखंड के पांच गांवों के ग्रामीणों की आजीविका का साधन बनेगी। आईआईटी रुड़की ने ग्रामीणों को विभिन्न औषधीय पादपों का उन्नत बीज उपलब्ध कराया है। फसल तैयार होने पर आईआईटी ग्रामीणों को बाजार भी उपलब्ध कराएगी।
काश्तकार विजयेश्वर प्रसाद डंगवाल ने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से आईआईटी रुड़की उन्नत प्रकार के औषधीय पादपों की खेती करवा रहे हैं, जिससे काश्तकारों की आर्थिकी मजबूत होगी। काश्तकारों का कहना है कि इससे उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। साथ ही पलायन भी रुकेगा। पाव के ग्राम प्रधान सुरेश रावत, ग्राम प्रधान अस्तन प्रियवादनी पैन्यूली ने इस पहल को काश्तकारों के हित में एक सकारात्मक पहल बताया।