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मानसून सीजन के बाद चार धाम यात्रा ने एक बार फिर पकड़ी रफ्तार

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बीते दो माह से धीमी पड़ी चार धाम यात्रा ने बारिश थमने के साथ ही फिर रफ्तार पकड़ ली है। इस यात्रा काल में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या भी नौ लाख पहुंचने को है, जो वर्ष 2013 की आपदा के बाद सर्वाधिक है। ऐसे में अगर आने वाले डेढ़ माह तक हालात सामान्य रहे तो इस वर्ष चार धाम यात्रा के पुराने सभी रिकार्ड टूटने की उम्मीद है।
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विगत 7 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद से ही जिले में तीर्थयात्रियों का भारी सैलाब उमड़ रहा था। शुरूआती दो माह में ही दोनों धामों में पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या चार-चार लाख के करीब पहुंच गई थी। मानसून सीजन में तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट के बाद अब यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। पुलिस विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बीते सप्ताह से दोनों धामों में रोजाना ढाई से तीन हजार यात्री पहुंच रहे हैं। 17 सितंबर को गंगोत्री में 3388 और यमुनोत्री में 3589 यात्री पहुंचे हैं।
इस सीजन में कपाट खुलने के बाद से अब तक गंगोत्री में 4,71,462 और यमुनोत्री में 4,20,052 सहित कुल 8,91,514 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं, जो आपदा के बाद के वर्षों में पहुंचे यात्रियों का सर्वाधिक रिकार्ड है। यात्रा के फिर रफ्तार पकड़ने से पर्यटन कारोबारियों और तीर्थ पुरोहितों के चेहरे खिले हुए हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि चार धाम यात्रा में लगातार सुधार आ रहा है, जिससे स्थानीय कारोबारियों की आर्थिकी भी सुधरी है। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, यमुनोत्री धाम के पुरुषोत्तम उनियाल आदि तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि मां गंगा और मां यमुना के प्रति आस्था ने लोगों के दिलों से आपदा के डर को मिटा दिया है, जिससे हर साल यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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