फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार माह पहले बरसाए गए बीज बमों से पैदा होने लगी हैं सब्जियां

विज्ञापन
उत्तरकाशी के चिणाखोली गांव में बीज बम अभियान से उत्पादित बेल एवं पौधों का निरीक्षण करते सहायक उद? - फोटो : UTTER KASHI
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूल चिणाखोली में पढ़ने वाले बच्चे आजकल काफी उत्साहित हैं। क्यों कि दोपहर भोजन में ताजी सीजनल सब्जियां बन रही हैं और वह भी स्वयं इन बच्चों के प्रयास से उगी हुई। यह संभव हुआ हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी के बीज बम अभियान से। संस्था की पहल पर स्कूल के बच्चों ने कद्दू, बीन आदि बीजों वाले बम स्कूल परिसर से लगी खाली जमीन पर बरसाए थे, जो अंकुरित और बेल बनने के बाद अब सब्जी पैदा करने लगे हैं।
विज्ञापन

दोपहर भोजन योजना के तहत अमूमन अधिकांश विद्यालयों में दाल-चावल ही पकता है, लेकिन आजकल चिणाखोली के जूनियर हाईस्कूल में कद्दू, बीन आदि की सब्जी भी परोसी जा रही है। स्कूल में सब्जी परोसना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण यह है कि यह सब्जियां स्वयं स्कूल के बच्चों के प्रयास से उगी हैं और वह भी खेल-खेल में बरसाए गए बीज बमों के माध्यम से। हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी द्वारा बीते साल दो अक्तूबर को बीज बम अभियान शुरू किया गया था। इसमें विभिन्न सब्जी, फल एवं अन्य प्रजाति के बीजों को मिट्टी व गोबर मिलाकर तैयार किए गए गोलों के भीतर रखकर बीज बम तैयार किए गए। इन बीज बमों को जंगलों और गांवों के आसपास की खाली जमीनों पर फेंका गया था।
इस अभियान के तहत जूनियर हाईस्कूल चिणाखोली की शिक्षिका सावित्री सकलानी उनियाल ने भी मई माह में स्कूल में बच्चों से बीज बम तैयार कराए और उन्हें विद्यालय परिसर से लगी खाली जमीन और आसपास के जंगलों में फिंकवाया। स्कूल के बच्चों ने शिक्षिका के जन्मदिन पर उन्हें तोहफे के तौर पर बड़ी संख्या में बीज बम बरसाए थे। बीज बमों में रखे गए बीज अंकुरित होकर अब बेल एवं पौधों का रूप ले चुके हैं और इन पर सब्जियां लगनी भी शुरू हो गई हैं। ग्रामीण बताते हैं कि जंगलों के आसपास बीज बम से पनपी बेलों पर लगी सब्जियां बंदर खा रहे हैं। जबकि स्कूल के पास लगी बेलों की सब्जियां स्कूल के भोजन में इस्तेमाल की जा रही हैं। यह प्रयोग सफल होने से न सिर्फ स्कूल के बच्चे बल्कि ग्रामीण भी काफी खुश हैं और उन्होंने बीज बम अभियान को वृहद् स्तर पर चलाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

बॉक्स के लिए।
सुखद हैं बीज बम अभियान के परिणाम
उत्तरकाशी।
बीज बम अभियान की सफलता को परखने के लिए बुधवार को सहायक उद्यान अधिकारी एनके सिंह भी चिणाखोली गांव पहुंचे। उन्होंने बीज बम से पनपी बेलों और पौधों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बीज बम में सीजनल सब्जी एवं फल बीजों के इस्तेमाल से और अच्छे परिणाम सामने आएंगे। मौके पर मौजूद संस्था के प्रमुख द्वारिका सेमवाल ने कहा कि बीज बम अभियान के सफल परिणाम सामने आने लगे हैं। इससे इस अभियान को और बल मिलेगा। बीज बम के माध्यम से जंगलों में ही वन्य जीवों की आहार श्रृंखला तैयार कर गांवों में खेती बागवानी को वन्य जीवों से सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। जल्द ही बीज बम के माध्यम से स्लाइड जोन के उपचार की योजना भी तैयार की जा रही है। इस मौके पर विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कुंती पुंडीर ने कहा कि इससे न सिर्फ बच्चों के लिए पौष्टिक सब्जियां मिल रही हैं बल्कि बच्चों का पर्यावरण से जुड़ाव भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें