अपने गांव में चौपाल लगाकर तीर्थ पुरोहित यदि यमुनोत्री मंदिर के बाहर दिव्यशिला में पूजा कराने का विवाद दो दिन में नहीं सुलझाएंगे, तो प्रशासन को वहां पूजा बंद करके सिर्फ दानपात्र रखने की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
यमुनोत्री में कुछ दबंग तीर्थ पुरोहितों की ओर से यात्रियों की दिव्यशिला के पास पूजा-अर्चना कराने में एकाधिकार जमा रखा था। कमजोर तथा अपनी ऊंची पहुंच नहीं रखने वाले तीर्थपुरोहितों को वहां नहीं आने दिया जाता है, जबकि पंच पंडा समिति के पुरोहितों के लिए सभी को समान रूप से जिले आवंटित कर पूजा कराने के बराबर का हक निर्धारित कर रखा था। कुछ समय से इस व्यवस्था को दरकिनार कर मनमानी की जा रही थी।
इस स्थिति को लेकर गांव के पुरोहित समाज ने राज्यपाल से लेकर डीएम तक ज्ञापन भेजकर व्यवस्था में सुधार की मांग की। डीएम के निर्देश पर एडीएम, एसपी यमुनोत्री क्षेत्र में पहुंचकर पुरोहित समाज की बैठक कर बातचीत की। पुलिस प्रशासन ने तीर्थ पुरोहित समाज को कहा कि आपसी विवाद को गांव की चौपाल में दो दिन में सुलझा दे। ऐसा नहीं होने पर प्रशासन को विवादित स्थल पर दानपात्र लगाने को विवश होना पड़ेगा।