नई टिहरी। डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में जिला समन्वयन समिति और जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जिन जल स्रोतों में पूर्व में जल उपलब्ध था उनकी भी मैपिंग कर वर्तमान स्थिति का आकलन भी करें। वन विभाग के साथ समन्वय कर कार्ययोजना तैयार कर उसमें वन पंचायतों को भी शामिल करने को कहा गया है।
सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक ग्राम का एक वन-पेजर तैयार करें, जिसमें बंजर एवं कृषि योग्य भूमि, सिंचित क्षेत्र, निर्धारित समयावधि में किए गए कार्यों का प्रभाव और प्राप्त परिणामों का स्पष्ट विवरण अंकित करें जिससे योजनाओं की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।
उप निदेशक सर्वेश्वर द्वारा जल संरक्षण अभियान की रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि जल संरक्षण अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करने, सूख रहे जल स्रोतों, सहायक नदियों एवं धाराओं के पुनर्जीवन, जलागम क्षेत्रों के उपचार हेतु योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, भागीरथी मोबाइल ऐप के माध्यम से चिह्नित जल स्रोतों के उपचार के बारे में बताया। बैठक में डीएफओ संदीपा शर्मा, हिम्मोथन सोसाइटी से दर्शन सिंह व दुर्गा प्रसाद, डीसी मिश्रा, किसान विज्ञान केंद्र से डॉ. आलोक येवले, महाबीर सिंह और रोशन लाल आदि मौजूद थे। संवाद