बीते सोमवार को यमुनाघाटी में तेज बारिश के साथ गिरे ओलों से सेब की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। स्योरी फल पट्टी सहित देवराना घाटी के धारी, कफनौल और भाटिया गांव के सेब के बगीचों में सेब की फसल बर्बाद हो गई है, जिससे सेब के दानों पर निशान उभर आए हैं और पत्तियां झड़ गई है।
सेब व नकदी फसलों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध यमुनाघाटी में काश्तकारों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। पहले बारिश न होने से सूखे और अब बारिश के साथ गिरे ओलों ने काश्तकारों की अच्छी फसल की उम्मीदें तोड़ दी है, जिससे मंजियाली, सुनारा छानी, सौली, नैणी, किम्मी, धारी, स्युली, कंसोला सहित अधिकांश गांव में टमाटर, फ्रेेंचबीन और गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह से खेतों में बारिश के पानी के साथ बह कर आए मलबे से टमाटर की पौध मिट्टी में जमींदोज हो गई है। साथ ही फ्रेंचबीन की फलियां मिट्टी पानी से खराब हो गई है। कंडाऊं की पूर्व प्रधान सुनीता नौटियाल, सेब उत्पादक गजेंद्र नौटियाल, प्रेम सिंह राणा, दीवान असवाल, जयेंद्र राणा, विशालमणि डिमरी ने बताया कि क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से उनकी सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। ओलों की मार से क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। काश्तकारों ने प्रशासन से क्षति का आंकलन कर मुवावजा देने की मांग की है।