बागवानों को लाखों के नुकसान की आशंका
पुरोला। क्षेत्र में पिछले दो दिन हुई मूसलाधार बारिश ने शिकारू गांव के सेब बागवानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। लगातार बारिश के कारण गांव के कई सेब बगीचों में भूस्खलन हुआ जिसका फसल पर असर पड़ रहा है। इससे बागवानों को लाखों के नुकसान की आशंका है।
ग्रामीणों ने बताया कि तेज बारिश के दौरान कई पेड़ों से तैयार हो रहे सेब समय से पहले झड़ गए जबकि कई स्थानों पर भूस्खलन के मलबे में पेड़ दब गए। कई पेड़ों की टहनियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं और बगीचों में जगह-जगह मिट्टी का कटाव होने से भविष्य में भी नुकसान की आशंका बनी हुई है।
क्षेत्र के महिपाल रावत, सूरत सिंह, मनमोहन सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश ने सेब उत्पादकों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उनका कहना है कि एक सेब के बगीचे को तैयार होने में 5 से 6 वर्ष का समय और लगातार देखभाल की आवश्यकता होती है लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण बागवानों को बार-बार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
सेब उत्पादकों ने जिला प्रशासन और उद्यान विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने और प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सेब की खेती उनकी आजीविका का प्रमुख स्रोत है और प्राकृतिक आपदाओं से हो रहे लगातार नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है।