पुरोला। पृथक रवांई जिला बनाए जाने की मांग के लिए संघर्ष समिति की ओर से चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं जनजागरण अभियान को लगातार समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार को हुड़ोली में आयोजित बैठक में पाणी गांव, कंताड़ी और नैलाड़ी बेणाई सहित विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। साथ ही आंदोलन को समर्थन दिया। वहीं, संघर्ष समिति की ओर से न्याय पंचायत स्तर पर चलाए जा रहे बैठकों के तीसरे चरण में ग्रामीणों ने आंदोलन की रणनीति तैय की।
परोला। पृथक रवांई जिला बनाए जाने की मांग के लिए संघर्ष समिति की ओर से चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं जनजागरण अभियान को लगातार समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार को हुड़ोली में आयोजित बैठक में पाणी गांव, कंताड़ी और नैलाड़ी बेणाई सहित विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। साथ ही आंदोलन को समर्थन दिया। वहीं, संघर्ष समिति की ओर से न्याय पंचायत स्तर पर चलाए जा रहे बैठकों के तीसरे चरण में ग्रामीणों ने आंदोलन की रणनीति तय की।
समिति संयोजक प्रकाश कुमार और संघर्ष समिति अध्यक्ष बलदेव असवाल ने रवांई को पृथक जिला बनाए जाने के औचित्य, क्षेत्र की भौगोलिक विषमताओं और सुदूरवर्ती गांवों की समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि रवांई क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश शासनकाल से ही पृथक जनपद की मांग उठती रही है और उत्तराखंड गठन के बाद भी यह मांग लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर आंदोलन हुए, लेकिन अब इस जनआंदोलन को और व्यापक स्वरूप देने के लिए युवाओं, बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आगे आने का आह्वान किया जा रहा है। बलदेव असवाल ने बताया कि प्रथम चरण में न्याय पंचायत गुंदियाट गांव और द्वितीय चरण में खड़क्या सेम न्याय पंचायत में बैठकें आयोजित की गई थीं। जबकि तृतीय चरण की हुड़ोली बैठक में भी लोगों का भारी समर्थन देखने को मिला है। कहा कि आगामी दिनों में पुरोला के बाद मोरी और नौगांव न्याय पंचायत क्षेत्रों में भी बैठकों का दौर शुरू किया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ा जा सके। साथ ही 11 मई को पुरोला नगर में विशाल महा रैली निकालने का एलान भी किया गया। इस मौके पर बलदेव असवाल, प्रदीप कलुड़ा, त्रेपन कलुड़ा, यशवंत भंडारी, रूकम सिंह राणा, पूरणचंद, शशीभूषण जगूड़ी, किसन सिंह रावत, जयेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।