नौगांव के गैर मुंगरसंती गांव मे एक दो मंजिला गौशाला में आग लगने से 17 मवेशी जिंदा जल गये। राजस्व विभाग की टीम घटना के करीब 16 घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची। रविवार सांय साढ़े सात बजे गांव से पांच सौ मीटर दूर जवाहर सिंह पुत्र फते सिंह की गौशाला में अचानक आग लग गई जिससे गौशाला मे बंधे 17 मवेशी जिंदा जल गये।
गौशाला से उठती आग की लपटों को बुझाने ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़े किंतु उससे पहले सब कुछ खाक हो चुका था। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आगजनी की घटना में मरे मवेशियों में दस गाय, पांच भैंस तथा दो बैल शामिल हैं। आग लगने से गौशाला के अंदर रखा खाद्यान, बिस्तर कपड़े तथा बर्तन भी जल कर राख हो गये।
रविवार सांय को जवाहर सिंह हमेशा की तरह गौशाला के अंदर अपने पशुओं को बांधकर गांव लौट गया। कुछ ही समय पश्चात गौशाला में अचानक आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण गौशाला मे लगी आग बुझाने के लिए दौड़े किंतु तब तक मवेशियों सहित अन्य सामान भी जल कर राख हो चुका था।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना राजस्व विभाग को दी लेकिन घटना के 16 घंटे बाद टीम घटना स्थल पर पहुंची। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्व विभाग के अधिकारी क्षेत्र में कितनी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं। राजस्व निरीक्षक नौगांव जयेन्द्र सिंह राणा ने बताया कि राजस्व उप निरीक्षक को क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए घटना स्थल पर भेजा गया है।
उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी। प्रधान फुलक चन्द ने बताया कि घटना रात के करीब साढ़े सात बजे की है घटना से प्रभावित व्यक्ति का समूचा परिवार गहरे सदमे में है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।