उत्तरकाशी। असी गंगा घाटी के आपदा प्रभावित गांवों में श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम ने मनरेगा की तर्ज पर काम के बदले दाम की योजना शुरू की है। इसमें ग्रामीणों को आपदा में क्षतिग्रस्त अपने खेत-खलिहान, मकान एवं रास्तों की मरम्मत के एवज में 50 दिनों तक 125 रुपये दैनिक मजदूरी दी जाएगी।
एसबीएमए के परियोजना प्रबंधक गोपाल थपलियाल ने बताया कि यूरोपियन कमीशन की सहायता से ईको कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें आपदा प्रभावित असी गंगा घाटी के ग्रामीणों को आपदा से उबरने में मदद की जाएगी। योजना के तहत घाटी के भंकोली, गजोली, अगोड़ा, ढासड़ा, नौगांव, दंदालका, सेकू, सिमोल्डी, रवाड़ा, चिवां, नाल्ड एवं उत्तरों गांव के 600 परिवारों के एक-एक व्यक्ति को उनके खेत, खलिहान, भवन एवं रास्तों की मरम्मत करने के एवज में 50 दिनों तक 125 रुपये दैनिक मजदूरी दी जाएगी। यहां अपने खेतों में खड़ी चौलाई की फसल काटने के लिए भी ग्रामीणों को छह दिन की रोजगार राशि दी जाएगी।
इन गांवों के 1000 जरूरतमंद परिवारों को अखाद्य सामग्री तथा गंगोरी क्षेत्र के अति जरूरतमंद 400 परिवारों को 50 दिनों के बराबर रोजगार राशि दी जाएगी। संस्था ने इस योजना को क्रियान्वित कर उक्त गांवों में ईको कार्य समितियों का गठन कर उन्हें देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है। इस मौके पर प्रमोद पैन्यूली, अंकित काला सहित सभी गांवों की समितियों के प्रतिनिधि मौजूद थ्रे।