उत्तरकाशी। टिहरी बांध झील में जमा कचरा पेयजल दूषित करने के साथ ही इससे उठने वाली दुर्गंध एवं पैदा हो रहे कीट बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। झील में जमा कचरे की नीलामी तथा टीएचडीसी की ओर से कचरा निस्तारण के लिए स्वास्थ्य विभाग को तीन लाख रुपये उपलब्ध कराने के बाद भी कार्रवाई न होने से जनता में रोष है।
अगस्त की बाढ़ से टिहरी बांध झील में भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया था। जिससे उठती दुर्गंध एवं मच्छर आदि कीट पनपने से यहां बीमारियां फैलनी शुरू हो गई थी। तब स्थानीय प्रशासन ने झील में जमा कचरे को नीलाम कर इसकी सफाई के निर्देश दिए थे। टीएचडीसी ने भी जिले के स्वास्थ्य महकमे को कचरे की समस्या से निपटने के लिए तीन लाख रुपये उपलब्ध कराए। इसके बावजूद झील में जमा कचरा अब तक नहीं हटाया जा सका है। जिससे यहां बीमारी की आशंका बनी हुई है।
टिहरी बांध झील से ही चिन्यालीसौड़ में जल विद्युत निगम कालोनी को पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र झील में जमा कचरा निस्तारित नहीं किया गया तो यहां भी बंगाण क्षेत्र की भांति बीमारी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कोट-
टीएचडीसी ने सफाई के लिए तीन लाख रुपये उपलब्ध कराए हैं। सेनेट्री अधिकारी की देखरेख में शीघ्र सफाई कार्य करा रहे हैं।- डा.डीएल शाह, सीएमओ, उत्तरकाशी
बजट उपलब्ध होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने यहां सफाई नहीं कराई है। वे इस संबंध में सीएमओ को पत्र लिख रहे हैं। साथ ही खर्च का ब्योरा भी तलब करेंगे।- केके सिंह, एसडीएम
फिलहाल ठंड बढ़ने और झील का पानी भी ठंडा होने से बीमारी की आशंका कम हो गई है।- डा.जीतेंद्र सिंह प्रभारी चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
बजट मिलने पर भी नहीं करा रहे सफाई
चिन्यालीसौड़। बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष जीत सिंह राणा, शंकर सेमवाल, कृपाल सिंह रावत का कहना है कि जब स्वास्थ्य विभाग को झील से कचरा साफ करने के लिए बजट उपलब्ध कराया गया है तो विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा। बंगाण क्षेत्र में रहस्यमयी बुखार को देखते हुए यहां भी ग्रामीण आशंकित हैं।