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गंगा के रेतीले तट पर पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी

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चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। अर्जुन पुरस्कार विजेता एथलीट अंकुर धामा (25) इन दिनों टिहरी झील के किनारे हाई एल्टीट्यूड सैंड रनिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। आगामी नवंबर माह में दुबई में होने वाली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप और वर्ष 2020 में जापान में होने वाले पैरा ओलंपिक के लिए अंकुर तैयारी कर रहा है। अंकुर को राइंका जिब्या कोटधार के व्यायाम शिक्षक विनोद जोशी ट्रेनिंग दे रहे हैं।
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चिन्यालीसौड़ नगर के रेतीले तट पर इन दिनों हाई एल्टीट्यूड सैंड रनिंग कैंप चल रहा है। 6 से 25 जून तक चलने वाले इस कैंप में अंतरराष्ट्रीय एथलीट दिल्ली के दिव्यांग अंकुर धामा (दृष्टिहीन) दुबई में होने वाली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप और जापान में होने वाले पैरा ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहे हैं। इस कैंप में अंकुर के अलावा दिल्ली के दो अन्य नेशनल लेवल एथलीट कुंज शर्मा व अमरीश कुमार भी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन सभी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं राइंका जिब्या कोटधार के व्यायाम शिक्षक विनोद जोशी ने बताया कि पैरा ओलंपिक कोच डा. सतपाल सिंह ने इन खिलाड़ियों को यहां भेजा है। खिलाड़ियों को रोजाना रेतीले तट पर 1500 मीटर की दौड़ सहित अन्य व्यायाम का अभ्यास कराया जा रहा है। सामान्य मैदान के मुकाबले रेतीले तट पर दौड़ने में अधिक ताकत लगती है, जबकि कम ऑक्सीजन वाले पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने से खिलाड़ियों का स्टैमिना भी बढ़ता है, जिससे खिलाड़ियों की क्षमता पहले से अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में जब यह खिलाड़ी मैदानी इलाके में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हैं तो उनका प्रदर्शन अन्य खिलाड़ियों से ज्यादा बेहतर हो जाता है।
इंसेट
जन्मांध होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाई सफलता
चिन्यालीसौड़। मूलत: हरियाणा के रहने वाले एथलीट अंकुर धामा जन्म से दृष्टिहीन हैं। अंकुर के माता पिता ने उन्हें जेपीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर ब्लाइंड में भर्ती कराया। अंकुर के भीतर खेलों के प्रति रुचि विकसित हुई तो स्कूल से लेकर सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने तक उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। वर्ष 2009 में उन्होंने वर्ल्ड यूथ एंड स्टूडेंट चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीतकर पहली बड़ी सफलता अर्जित की। वर्ष 2014 के एशियन पैरा गेम्स में उसने एक रजत व दो कांस्य पदक जीते। 2016 में रियो ब्राजील में हुए पैरा ओलंपिक खेलों में भी प्रतिभाग किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन को देखते हुए वर्ष 2018 में खेल मंत्रालय ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाजा। अंकुर ने बताया कि वर्तमान में वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहा है।
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