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खीर गंगा से गंगोत्री हाईवे पर आया मलबा नहीं हटाया

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उत्तरकाशी। खीर गंगा से हाईवे पर आया मलबा नहीं हटाए जाने से ग्रामीणों व कारोबारियों में आक्रोश है। उन्होंने जल्द मलबा नहीं हटाए जाने पर गंगोत्री धाम के कपाट खुलने वाले दिन सात मई को हाईवे पर बेमियादी चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
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गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली में बीते साल मानसून सीजन में खीर गंगा में भारी तबाही मचाई थी। नदी के जलागम क्षेत्र में भूधंसाव होने से पानी के साथ आया भारी मलबा धराली बाजार के दर्जनों होटलों, दुकानों और लोगों के घरों के साथ ही सेब के बागीचों में घुस गया था, जिससे यहां भारी नुकसान हुआ था। बाढ़ के मलबे में करीब तीन दर्जन वाहन भी दबे थे और प्राचीन कल्प केदार मंदिर में भी भारी मलबा घुसने से नुकसान पहुंचा था। धराली के सचेंद्र, उमेश, जय भगवान, उपप्रधान सुशील पंवार आदि ने बताया कि खीरगंगा में जमा बीते साल की बाढ़ का मलबा अभी तक नहीं हटाया गया है। बीते साल मुख्यमंत्री राहत कोष से यमुनोत्री एवं गंगोत्री क्षेत्र के आपदाग्रस्त होटल कारोबारियों के लिए 53.30 लाख की सहायता स्वीकृत हुई थी, लेकिन यह अभी तक पीड़ितों को नहीं मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार हुई भारी बर्फबारी धराली के लिए खतरा पैदा कर सकती है। अब गर्मी में बर्फ पिघलने और बरसात में यदि खीर गंगा में फिर से उफान आया, तो पहले से जमा मलबे के कारण नदी बस्ती में घुस कर भारी तबाही मचा सकती है। नदी के जलागम क्षेत्र में झिंडा, खीरा व मैल्याणा क्षेत्र में भूधंसाव भी सक्रिय है। गंगोत्री हाईवे पर बनी तंग पुलिया हल्के से मलबे से ही चोक होने पर पानी गंगोत्री हाईवे और बाजार में घुस जाता है। इन हालात से भविष्य की तबाही को लेकर आशंकित ग्रामीणों ने डीएम को पत्र लिखकर शीघ्र खीर गंगा में जमा मलबा साफ नहीं कराने पर सात मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने वाले दिन धराली में गंगोत्री हाईवे पर बेमियादी चक्काजाम शुरू करने की चेतावनी दी है।
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धराली खीर गंगा में जमा मलबा हटाने के लिए आपदा मद से 54 लाख का प्रावधान कर सिंचाई विभाग से आगणन तैयार कराया था, लेकिन बजट नहीं आने के कारण मलबा हटाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
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देवेंद्र पटवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उत्तरकाशी।
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