उत्तरकाशी। इस वर्ष के ट्रेकिंग सीजन का पहला अभियान दल शुक्रवार को गंगोत्री नेशनल पार्क के लिए रवाना हुआ। तपोवन व केदारताल अभियान पर निकले कनाडा और न्यूजीलैंड के पर्यटकों के इस छह सदस्यीय दल को ट्रेकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रवाना किया।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी के चलते इस साल गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट तय तिथि 15 अप्रैल से ग्यारह दिन बाद खोले गए। सीजन का पहला ट्रेकिंग दल बृहस्पतिवार देर शाम गंगोत्री धाम पहुंचा, जहां से शुक्रवार सुबह ट्रेकिंग व माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने उन्हें सात दिवसीय तपोवन-केदारताल अभियान के रवाना किया। उन्होंने बताया कि गाइड महावीर सिंह व तीन अन्य सहयोगियों के साथ कनाडा के हाजेन मकॉय और न्यूजीलैंड की जेसिका देर शाम तक भोजवासा पहुंचेंगे। रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन शनिवार को दल के सदस्य 3795 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गंगा के उद्गम गोमुख होते हुए 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तपोवन पहुंचेंगे। इसी दिन टीम वापस भोजवासा बेस कैंप पहुंचेगी। इसके बाद दल अगले दिन गंगोत्री धाम होते हुए 4912 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारताल के लिए रवाना होगा। दल के सभी सदस्य दो मई तक उत्तरकाशी लौटेंगे। शनिवार को जापान के पर्यटकों का चार सदस्यीय दल भी गोमुख-तपोवन अभियान के लिए निकलेगा।
बीते वर्ष गंगोत्री नेशनल पार्क में पहुंचे थे 13,405 पर्यटक
उत्तरकाशी। गंगा के उद्गम व साहसिक पर्यटन के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध गंगोत्री नेशनल पार्क में पर्यटकों की आवाजाही का सिलसिला शुरू हो गया है। पार्क के रेंजर प्रताप पंवार ने बताया कि बीते वर्ष गोमुख, तपोवन, केदारताल, वासुकीताल, कालिंदी पास, नेलांग घाटी आदि स्थानों का लुत्फ उठाने के लिए 13,405 पर्यटक पहुंचे थे, जिनमें 1320 विदेशी पर्यटकों के साथ ही 224 पर्वतारोही भी शामिल थे। इस वर्ष भारी बर्फबारी के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों का प्राकृतिक सौंदर्य पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गया है, जिसका लुत्फ लेने के लिए अभी से पर्यटकों की बुकिंग आनी शुरू हो गई है, जिसे देखते हुए इस बार बीते साल का रिकार्ड टूटने की उम्मीद है। ब्यूरो