फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुक्की टॉप पर सक्रिय भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर मंडरा रहा खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। सुक्की गांव के पास कई दशकों से सक्रिय भूस्खलन विस्तार लेकर अब सुक्की टॉप स्थित गंगोत्री हाईवे तक पहुंच गया है। भूस्खलन की चपेट में आने से यहां व्यू प्वाइंट के साथ ही सुक्की से झाला का पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए हालांकि बीआरओ ने यहां क्रॉस बैरियर लगाने के साथ ही सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन यदि भूस्खलन का दायरा और बढ़ा तो यात्रा प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन

गंगोत्री घाटी के उपला टकनौर क्षेत्र में सुक्की एवं झाला के बीच बीते कई दशकों से भूस्खलन सक्रिय है। गंगा भागीरथी के कटाव से हो रहा यह भूस्खलन अब करीब पांच सौ मीटर ऊपर गंगोत्री हाईवे तक पहुंच गया है। इस वर्ष सर्दियों में भारी बर्फबारी के चलते भूस्खलन का दायरा बढ़ने से यहां सुक्की टॉप पर बना व्यू प्वाइंट क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही सुक्की टॉप से झाला को जोड़ने वाला पैदल यात्रा मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर कटाव का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोगों की आशंका है कि बरसात में भूस्खलन तेज होने से यहां गंगोत्री हाईवे बाधित होने का खतरा है। इसलिए समय रहते इसका ट्रीटमेंट करने की जरूरत है।
बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर सत्यजीत मोहंती ने स्वीकारा कि सुक्की टॉप के पास सक्रिय भूस्खलन गंगोत्री हाईवे तक पहुंच गया है। हालांकि उन्होंने फिलहाल भूस्खलन से हाईवे को कोई नुकसान नहीं होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि यात्रा एवं सामरिक महत्व के इस हाईवे पर यातायात सुचारु रखने के इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां क्रॉस बैरियर लगाने के साथ ही हाईवे के किनारे सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए गए हैं। यदि भूस्खलन से हाईवे को नुकसान पहुंचा, तो पहाड़ की ओर से कटिंग कर यहां यातायात की व्यवस्था का विकल्प भी रखा गया है। ऑल वेदर रोड परियोजना में सुक्की को बाईपास कर सुक्की पहले बैंड से ही गंगा भागीरथी के बाएं छोर से झाला तक सड़क का प्रस्ताव है, लेकिन ईको सेंसिटिव जोन के चलते इसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है और ग्रामीण भी इसका विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें