उत्तरकाशी। वरुणावत पर्वत के शीर्ष पर बसे संग्राली गांव में दो दिवसीय भंडाणी मेले का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने पारंपरिक लोक नृत्य कर अपने आराध्य कंडार देवता से सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
कंडार देवता मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान के साथ भंडाणी मेले का शुभारंभ किया गया, जिसमें संग्राली सहित पाटा, बग्याल गांव, गंगोरी, लक्षेश्वर, साल्ड, ज्ञाणजा आदि गांवों से ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने देवता की डोली के साथ देर रात तक रासौं तांदी नृत्य किया। वहीं बुधवार को भी दिनभर उत्सव मनाते हुए ग्रामीणों ने देवता से क्षेत्र की खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना की। मेले के समापन पर पुजारियों ने कंडार देवता की मूर्ति को एक सप्ताह के विश्राम के लिए कोठार में रख दिया। इस मौके पर प्रद्युम्न नौटियाल, अमर सिंह चौहान, हरीश डंगवाल, विजय लाल नैथानी, शिवानंद भट्ट आदि मौजूद रहे।