फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ सुरक्षा कार्य में घटिया गुणवता से आक्रोशित ग्रामीणों ने की जांच की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। सरकार ने पांच साल बाद वर्ष 2012-13 में गंगा भागीरथी की बाढ़ में तबाही झेल चुके डिडसारी गांव की सुरक्षा की सुध तो ली, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से यहां घटिया गुणवत्ता के कार्य कराए जाने से गांव को खतरा हो गया है। यहां मिट्टी मिली रेत के साथ सीमेंट कंक्रीट की दीवार बनायी जा रही है। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने मुख्यालय पहुंचकर डीएम से बाढ़ सुरक्षा कार्य की जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन

वर्ष 2012 और 2013 में गंगा भागीरथी में आई बाढ़ में डिडसारी गांव को भारी नुकसान हुआ था। मांग करने पर सरकार ने गांव की सुध ली और आपदा के पांच साल बाद अक्तूबर 2018 में न्यू डिडसारी गांव के नीचे बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू किए गए। प्रधान पुष्पा चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश सेमवाल ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा यहां मानकों के अनुरूप सुरक्षा कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। सीमेंट कंक्रीट के साथ मिट्टी मिली रेत डालकर सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। शिकायत करने पर भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा सुध नहीं लिए जाने पर ग्रामीण बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम से बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण में हो रही गड़बड़ियों से अवगत कराते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में जयेंद्र सिंह, शांति लाल, बचन लाल, भरोसा लाल, लक्ष्मण सिंह, विनोद डिमरी आदि शामिल रहे।

न्यू डिडसारी गांव के नीचे 450.55 लाख से 360 मीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जा रहा है। अक्तूबर में शुरू हुआ कार्य मार्च 2019 में पूरा होना है। ग्रामीणों की शिकायत पर निर्माण सामग्री का परीक्षण कराया जा रहा है। साइट पर तैनात जेई और एई को कार्य की गुणवत्ता एवं मानकों पर नजर रखने को कहा गया है। फिलहाल किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीपी सिलवाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग उत्तरकाशी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें