उत्तरकाशी। टिपरा ग्राम पंचायत के उपगांव रेसगी में उल्टी-दस्त से एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि गांव के तीन बुजुर्गों को ब्रह्मखाल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। ग्रामीण बीमारी के लिए दूषित पेयजल को कारण बता रहे हैं।
भंडारस्यूं क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण भंडारी ने बताया कि रेसगी गांव निवासी जनार्दन व्यास (50) को बीते दिनों उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जब तक परिजन उन्हें अस्पताल लाते, उनकी गांव में ही मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह इसी गांव के महिमानंद (60), पीतांबर (48) एवं गंगोत्री देवी (70) को उल्टी-दस्त की शिकायत पर ब्रह्मखाल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से पीतांबर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जिला पंचायत सदस्य भंडारी ने बताया कि टिपरा ग्राम पंचायत के उपगांव रेसगी और जोगियाड़ा के लिए कोई पेयजल योजना नहीं है। इन गांवों के ग्रामीण पास में बहने वाले गदेरे का पानी पीने को मजबूर हैं। अब बरसात के साथ गदेरे का पानी दूषित होने के कारण ही जलजनित बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने डीएम से मुलाकात कर शीघ्र गांव में चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने और गांवों के लिए पेयजल योजना का निर्माण कराने की मांग की है।
कोट...
बृहस्पतिवार को रेसगी गांव में ग्रामीणों को उल्टी-दस्त की शिकायत मिलते ही ब्रह्मखाल से मेडिकल टीम को गांव भेजा गया। टीम ने गांव में ग्रामीणों को एहतियातन दवाएं वितरित की हैं। तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनकी हालत में सुधार है। पूर्व में हुई मौत उल्टी-दस्त से होने की पुष्टि नहीं हुई है। मरीज को अस्पताल भी नहीं लाया गया था। बरसात सीजन में दूषित पानी के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे में लोग पानी उबालकर ही पीएं।
डा. विनोद नौटियाल, सीएमओ उत्तरकाशी।