उत्तरकाशी। जोशियाड़ा बैराज झील को अब जल विद्युत निगम के फंड से पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। झील और शहर के करीब दस किमी दायरे को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
चार धाम यात्रा सीजन के दौरान तीर्थयात्रियों के रूप में यहां चलकर आने वाले बाजार से स्थानीय हित साधने की कवायद शुरू हो गई है। बीते बृहस्पतिवार को गंगोत्री विधायक गोपाल रावत एवं डीएम डा. आशीष चौहान की मौजूदगी में हुई बैठक में जोशियाड़ा बैराज झील समेत नगर के करीब दस किमी दायरे को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर मंथन किया गया। विधायक ने कहा कि झील में वाटर स्पोर्ट्स, वरुणावत शीर्ष पर पिकनिक स्पॉट एवं पैराग्लाइडिंग के साथ ही पर्यटकों को लुभाने वाली अन्य गतिविधियां शुरू की जाए, तो यहां पर्यटकों का ठहराव बढ़ाया जा सकता है।
डीएम ने बताया कि बैराज झील के दोनों ओर जोशियाड़ा एवं ज्ञानसू में पार्किंग के साथ ही पैराग्लाइडिंग स्पेस, हट्स, कैसीनो, फिश एक्वेरियम, फूड कोट, हेंडीक्राफ्ट, ड्रेसिंग फोटोग्राफी, लाइट एंड साउंड शो आदि की व्यवस्था की जाएगी। वरुणावत शीर्ष से पैराग्लाइडिंग की व्यवस्था की जाएगी। डीएम ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों में स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर विकसित होंगे। उन्होंने इस संबंध में जल विद्युत निगम एवं ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों व केसी कुड़ियाल एसोसिएट को स्थलीय निरीक्षण विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।