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स्वामी सुंदरानंद की आर्ट गैलरी का हुआ लोकार्पण

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उत्तरकाशी। गंगोत्री ग्लेशियर व उच्च हिमालय क्षेत्र के पर्यावरण में बीते 60 वर्षों में हुए बदलावों को अब आप एक क्लीक में देख सकते हैं। यह तस्वीरें अपने जीवन के 60 से अधिक वर्षों को गोमुख को समर्पित कर चुके स्वामी सुंदरानंद की ओर से खींची गई हैं। करीब दो लाख से अधिक इन तस्वीरों के लिए उन्होंने गंगोत्री में एक आर्ट गैलरी का निर्माण किया है, जिसका लोकार्पण उनकी अमरीकन शिष्या व ट्रस्ट की चेयरपर्सन डेबरा ने 21 सितंबर को किया। उनकी शिष्या ने डिजिटलाइज तकनीक की मदद से इन तस्वीरों को संजोया है। वहीं निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल की तकनीकी टीम की ओर से भी इसमें सहयोग दिया जा रहा है।
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90 वर्षीय स्वामी सुंदरानंद बताते हैं कि 72 फिट ऊंची व 12 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बनी इस विश्व स्तरीय गैलरी में सभी तस्वीरों को विषयवार तरीके से प्रदर्शित किया गया है। पांच मंजिला भवन की 3 मंजिलें प्रदर्शनी के लिए हैं, जबकि चौथी मंजिल में गेस्ट रूम व पांचवीं मंजिल में योगशाला बनी है। भूतल के 6 कमरों में दो ऑफिस सहित एक पाकशाला, परिचर्चा व अभ्यास कक्ष हैं। भवन के मुख्य द्वार को केसी कुड़ियाल द्वारा पहाड़ी शैली में बनाया जा रहा है। स्वामी ने बताया कि यह आर्ट गैलरी हिमालय की संस्कृति व जैव विविधता की धरोहर है। जहां आकर लोग हिमालय के बारे में काफी कुछ जान सकेंगे।

बॉक्स:
100 साधक एक साथ कर सकेंगे ध्यान
इस परिसर में स्टील फ्रेम से एक 5 मंजिला ध्यान केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है। इस पिरामिडनुमा भवन में एक साथ 100 साधक ध्यान कर सकेंगे। स्वामी सुंदरानंद कहते हैं कि साधु संतों की ओर से सदियों से ऊंची चोटियों पर योग साधना को पसंद किया करते थे। केंद्र के खुलने से गंगोत्री क्षेत्र के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
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