बड़कोट। यमुनोत्री राजमार्ग के ओजरी क्षेत्र में बन रहे वैकल्पिक मार्ग को लेकर प्रशासन के पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं होने के कारण सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। मुख्य राजमार्ग खुलने के बाद प्रशासन ने कुछ राहत तो ली है, लेकिन वैकल्पिक मार्ग को लेकर दुविधा खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की ओर से स्थाई मार्ग बनाने की मांग किए जाने के बाद भी प्रशासन अस्थाई मार्ग पर ही जुटा हुआ है।
राजमार्ग बंद होने के बाद विशेषज्ञों ने प्रशासन को वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए दो सुझाव दिए थे, जिसमें स्लाइड जोन के नीचे से ही यमुना किनारे डेढ़ किमी का अस्थाई मार्ग तथा ओजरी-तिर्खली होते हुए तीन किमी का स्थाई मार्ग बनाने के विकल्प थे। जिस पर प्रशासन ने अस्थाई मार्ग के साथ ही स्थाई मार्ग पर भी कार्य शुरू करने का फैसला लिया था। अस्थाई मार्ग को सप्ताहभर में बन जाना था, लेकिन वो आज तक नहीं बन पाया है। ग्रामीण जयपाल रावत, शैलेंद्र राणा ने कहा कि मार्ग स्लाइड जोन के नीचे, नदी किनारे पर बनाया जा रहा है, जिसके लंबे समय तक टिकने की संभावना नहीं है। यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने कहा कि ओजरी के स्लाड जोन की वजह से क्षेत्र को अब एक स्थाई वैकल्पिक मार्ग की जरूरत है। इसलिए प्रशासन को अस्थाई मार्ग निर्माण के बदले स्थाई मार्ग का कार्य शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, मेरे द्वारा पहले ही अधिकारियों को स्थाई मार्ग का आगणन तैयार कर शासन में भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस संबंध में एसडीएम मनुज गोयल का कहना है कि इस संबंध में सारे विभागों व उच्च अधिकारियों से वार्ता करने के बाद ही आगे का काम किया जाएगा
ग्रामीणों ने किया वैकल्पिक मार्ग का विरोध
बड़कोट। यमुनोत्री के ओजरी क्षेत्र में चल रहे वैकल्पिक मार्ग के कार्य का कुनसाला गांव के ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने कार्य स्थल पर धरना देकर काम बंद करने की मांग की। गांव के बलदेव सिंह, दिनेश, जयवीर सिंह आदि ने कहा कि निर्माण कार्य के चलते उनके खेत बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्य मार्ग खुल गया है, तो वैकल्पिक मार्ग बनाने की जरूरत नहीं है।