उत्तरकाशी। राजकीय महाविद्यालय में शिक्षकों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में छात्र संगठन आपस में ही भिड़ गए। अनशन पर बैठे छात्रों ने विपक्षी दल पर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरा दल आंदोलन के नाम पर कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था को खराब करने की बात कह रहा है। उधर, अनशन कर रहे छात्रों में से एक की हालात बुधवार को बिगड़ गई थी, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद छात्र दोबारा अनशन पर बैठ गया।
शिक्षकों की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को भी छात्रों का अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान छात्रों की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई, जिसके विरोध में एबीवीपी के सतीश कुमार, विक्रम, विरेंद्र अवस्थी आदि ने आंदोलन में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप करने व कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था खराब करने का आरोप लगाया। प्राचार्य को दिए ज्ञापन में एबीवीपी ने कक्षाओं का संचालन करवाने व आंदोलन के नाम पर कानून व्यवस्था बिगाड़ रहे बाहरी तत्वों को परिसर से निकालने को कहा। उन्होंने कहा कि जब गेस्ट टीचर छात्र हित में अपनी हड़ताल छोड़ सकते हैं, तो छात्रों को भी अपने भविष्य के लिए कक्षाओं में आना चाहिए। उन्होंने मांग पूरी न होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं, छात्रसंघ अध्यक्ष दीपेंद्र कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री का विरोध करने के चलते एबीवीपी द्वारा ये सब किया जा रहा है। वो छात्र हित के नाम पर राजनीति कर आंदोलन को कमजोर कर रहे हैं, जबकि कॉलेज के सभी छात्र हमारे आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। उधर, पीटीए अध्यक्ष हर्ष अग्निहोत्री द्वारा अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा को पत्र भेजकर शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की गई है। इस मौके पर सोनू नेगी, देवराज चंद रमोला, पृथ्वीपाल मटूड़ा, संदीप कुमार, सुशील नौटियाल आदि मौजूद थे।