सूबे में सरकार के गठन को लेकर भाजपा पूरी तरह से साइलेंट मोड पर काम कर रही है। किसी भी तरह से रणनीति का खुलासा ना हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए है। मगर सूत्रों की माने तो भाजपा अपनी शक्ति का प्रदर्शन एक बार सदन से पहले राजभवन में करना चाहती है। इसलिए विधायकों का इंतजाम होते ही राजभवन में परेड कराई जाएगी।
सरकार गठन की जद्दोजहद में भाजपा ने संख्या बल का इंतजाम करने के लिए पूरा जोर लगाया हुआ है। पूरी रणनीति भूमिगत तरीके से आगे बढ़ रही है। निर्दलियों से बात करने की जिम्मेदारी भी कुछ ऐसे लोगों को दी हैं, जो कि मीडिया से दूर ही रहते हैं।
सदन से पहले एख और शक्ति प्रदर्शन
इसलिए सारी रणनीति साइलेंट मोड पर तो है, लेकिन लगातार काम हो रहा है। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि सदन से पहले ही एक और शक्ति प्रदर्शन राजभवन में होना चाहिए।
ताकि सदन में किसी को गड़बड़ करने का मौका ना मिले। ऐसा करने से पार्टी को शुरुआती दौर से ही संख्या बल के साथ ही कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भगतदा के शाह से मिलने की चर्चाएं
राजनीतिक हलचलों के बीच भगत सिंह कोश्यारी के दिल्ली प्रवास को लेकर भी कयासबाजियों का दौर चल पड़ा है। भगतदा बृहस्पतिवार की शाम दिल्ली पहुंचे। चर्चा है कि भगतदा ने उत्तराखंड के राजनीतिक हालात को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
कोश्यारी के एक दो दिन और दिल्ली रहने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस दौरान पार्टी नेताओं से मुलाकात कर उत्तराखंड के राजनीतिक हालात पर चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति पर भी विचार विमर्श करेंगे।