राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजधानी से रवाना किए प्रदेश के दूसरे हिस्सों के पुलिस बल को फिर बुलाया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर 31 मार्च को होने वाले विधानसभा सत्र में 28 मार्च वाला सुरक्षा प्लान ही लागू रहेगा।
बुधवार को पुलिस बल को फिर से ब्रीफ करने की तैयारी है। बदलते सियासी घटनाक्रम से पुलिस भी पसोपेश में है। अब हर किसी की निगाह बुधवार को होने वाली पैंतरेबाजी पर टिकी है।
सियासी भूचाल में पुलिस की चकरघिन्नी बनी है। राज्यपाल द्वारा हरीश रावत को सदन में बहुमत साबित करने के लिए 28 मार्च का समय दिए जाने के बाद पुलिस ने विधानसभा सत्र के दौरान कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे।
सुरक्षा तैयारियों पर मंथन
पहले के मुकाबले अतिरिक्त फोर्स भी उपलब्ध कराया था। प्रदेश के कई हिस्सों से पुलिस बल यहां पहुंच गया था। इसी बीच 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लगने के बाद दिनभर उनका प्रयोग करने के बाद शाम को बाहरी पुलिस को वापस रवाना कर दिया था।
मंगलवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस विधानसभा सत्र को लेकर सक्रिय हो गई है। एसएसपी डा. सदानंद दाते और एसपी सिटी अजय सिंह ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर मंथन किया है।
अन्य जिलों से पुलिस बल को सुबह को दून में आमद करने के लिए कहा गया है। पहले बनाए गए ड्यूटी चार्ज को लागू करने की तैयारी में है।