उत्तराखंड में बने परफ्यूम अब देश-दुनिया में अपनी खुशबू बिखेरेंगे। परफ्यूम बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की एजेंसी ‘सेंटर फॉर एरोमेटिक प्लांट्स’ (कैप) को दी गई है।
इस योजना के पहले चरण में परफ्यूम प्लांट लगाने के लिए सरकार ने 50 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। कैप के वैज्ञानिकों की टीम ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। कैप के प्रभारी डॉ. नृपेंद्र चौहान ने बताया कि फूलों से निकाले गए अर्क से उच्च गुणवत्ता वाले परफ्यूम बनाने की तैयारी है।
इस योजना का लाभ उन किसानों को भी मिलेगा, जो फूलों की खेती कर रहे हैं। फिलहाल कैप के सुगंधित तेल का सालाना कारोबार 70 करोड़ रुपये से अधिक का है।
इस तेल का इस्तेमाल परफ्यूम, इत्र, साबुन, टूथपेस्ट, पान मसाला उद्योग में हो रहा है। विदेशों में इन तेलों इस्तेमाल ‘अरोमा थेरेपी’ में भी किया जाता है। डॉ. चौहान के मुताबिक कैप के बनाए परफ्यूम दुनिया के मशहूर ब्रांड्स की टक्कर के होंगे। संस्थान में इस पर शोध का काम भी चल रहा है।
फ्रांस, इटली, जर्मनी समेत दुनिया के कई देशों को आपूर्ति
डॉ. चौहान के मुताबिक संस्थान में तैयार किए जा रहे सुगंधित तेलों की आपूर्ति फ्रांस, इटली, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान और चीन समेत कई देशों में हो रही है। मुंबई, कन्नौज, अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर, बंगलुरू,
अमृतसर समेत देश के कई शहरों में भी तेल की आपूर्ति होती है।