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33 विधायकों के साथ राज्यपाल से मिले हरीश रावत

Mon, 28 Mar 2016 10:15 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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केके पॉल - फोटो : anil dogra
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 33 विधायकों के साथ राज्यपाल केके पॉल से मुलाकात की। जिसके बाद ‌वरिष्‍ठ नेता नव प्रभात मीडिया से मुखातिब हुए।
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राज्यपाल को विधानसभा अध्यक्ष के हस्ताक्षर समेत 34 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। इस दौरान पूर्व संसदीय कार्य मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा की कांग्रेस के पास 34 विधायक हैं, जिनमें से एक बसपा के विधायक भी हैं। कांग्रेस विधायक नव प्रभात ने कहा कि 18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक पारित हो गया था। भाजपा सरकार द्वारा दबाव बनाने के बाद उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। 

इससे पहले न्याय की गुहार लगाने के ‌लिए हरीश रावत सोमवार को दोपहर करीब एक बजे राजभवन पहुंचे। जहां वह राज्यपाल केके पॉल के सामने अपना पक्ष रखा। इसके साथ ही उन्होंने फिर से बहुमत साबित करने की बात भी राज्यपाल के सामने रखी। कांग्रेस विधायक दिनेश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस मैज्योरिटी में है।
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हरीश रावत के साथ, यशपाल आर्य, इं‌दिरा हृदयेश, प्रीतम सिंह, दिनेश अग्रवाल, राजकुमार, हीरा सिंह, विजयपाल सजवान, राजेंद्र भंडारी, अनुसूया प्रसाद, सुरेंद्र सिंह नेगी, सुंदर लाल, सरिता आर्या, गोविंद सिंह कुंजवाल, ममता राकेश, विक्रम नेगी, ललित फर्सवाण, हिमेश खर्कवाल, मदन बिष्ट, मनोज तिवारी, गणेश गोदियाल, जीत राम, मयंक मेहरा, नव प्रभात, नारायण राम आर्या, फुरकान अहमद, मंत्री प्रसाद नैथानी, प्रीतम सिंह पंवार, दिनेश धनै, हरीदास, भीम लाल आर्य, सरबत करीम, हरीश चंद्र दुर्गापाल राजभवन पहुंचे हैं।
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सचिवालय में सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक की

केके पॉल - फोटो : AmarUjala
इससे पहले राष्ट्रपति शासन के बाद उत्तराखंड के 'मुखिया' बने राज्यपाल केके पॉल ने सोमवार को सचिवालय में सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई।

इस दौरान सोमवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन के बाद राज्य को कैसे चलाया जाए इस पर विचार विमर्श किया गया और जरूरी निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने कहा कि प्रतिदिन वह सुबह 11 ब‌जे से दोपहर 12 बजे तक सचिवालय में आम जनता से मिलेंगे। लेकिन इसके लिए पहले से समय लेना होगा।

राज्यपाल ने बताया गया कि बैठक में अधिकारियों को ईमानदारी और पारदर्शिता से राज्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ‌अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि कोई भी फैसला जनता को ध्यान में रखकर किया जाए।

बैठक में चार धाम यात्रा को सही ढंग से संचालित करने की बात भी कही गई। राज्यपाल ने यात्रा के अधूरे कामों को जल्द पूरा करने के निर्देश भी जारी किए गए।
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