भाजपा ने प्रदेश सरकार को सियासी संकट के बाद की गईं नियुक्तियों पर घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा ने सवाल उठाया है कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू होने के बाद सरकार केयर टेकर मानी जाती है, उसे कोई भी नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं होता है, संविधान में ऐसी व्यवस्था है, लेकिन सरकार संवैधानिक प्रावधानों को दरकिनार करके एक के बाद एक नियुक्ति किए जा रही है। इसके साथ ही लोगों को पदों से हटाया जा रहा है। राज्यपाल से मांग की गई कि सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
राज्यपाल के निर्देश का दिया हवाला
भाजपा का कहना है कि राज्यपाल ने संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार को अपना बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं। अब जब तक सरकार अपना बहुमत साबित नहीं कर लेती, उसे केयर टेकर माना जाएगा।
सरकार ने राज्यपाल के निर्देशों का उल्लंघन करके दर्जनों नीतिगत निर्णय लिए हैं। नीतिगत निर्णयों के तहत पदों पर रखने और किसी को हटाने का अधिकार केयर टेकर सरकार के पास नहीं होता है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान और विनय गोयल का कहना है कि इन नियुक्तियों में राज्यपाल के निर्देशों की अवमानना की गई है। यह संविधान की अवहेलना है। इन नियुक्तियों का इस्तेमाल प्रलोभन के तौर पर किया जा रहा है। राज्यपाल को तत्काल प्रभाव से प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।