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उत्तराखंड तबाहीः बोले सभी दल, मांग केवल एक

Fri, 21 Jun 2013 10:51 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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उत्तराखंड में हुई बारिश और भूस्खलन तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के चौतरफा दबाव के बीच सरकार ने इस मसले पर विचार करना शुरू कर दिया है।
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सूबे में मुश्किलों की बारिश में हजारों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।

भाजपा, बसपा और सपा ने जान माल की हानि का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए सियासी दबाव बनाया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा है कि सरकार इस संबंध में गंभीरता से विचार कर रही है।

क्लिक करें: उत्तराखंड में तबाही का मंजर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने खुद इसे हिमालय की सुनामी कहा है। उनका मानना है कि पिछले 100 सालों से आसमान से ऐसा कहर नहीं बरपा है।

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से लेकर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि सरकार को बिना देर किए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए।

उत्तराखंड सरकार को इस समय हालात सामान्य करने के लिए मदद की जरूरत है। केंद्र को चाहिए कि वह राष्ट्रीय आपदा घोषित कर राज्य को सभी तरह की मदद मुहैया करवाएं।
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मायावती ने कहा है कि यह आपदा सिर्फ एक राज्य से संबंधित नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के लोग उत्तराखंड में फंसे हुए हैं। केंद्र को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

दूसरी तरफ कांग्रेस प्रवक्ता पी सी चाको ने कहा है कि सरकार इस मसले पर विचार कर रही है। तय मानदंडों को ध्यान में रखते हुए उसे ही यह फैसला लेना है।

राज्य आपदा राहत और प्रबंधन केंद्र से मिली सूचनाओं के मुताबिक 90 धर्मशालाओं के अचानक बाढ़ में बह जाने के कारण प्रभावित क्षेत्र में मरने वालों की संख्या हजारों तक पहुंच सकती है।

हालांकि आधिकारिक तौर पर मरने वालों की अभी तक संख्या 150 बताई जा रही है।

शुक्रवार को संसदीय समिति की बैठक
प्राकृतिक आपदा पर चर्चा के लिए गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को संसदीय समिति की बैठक बुलाई गई है। राहत कार्य के बारे में पूरी जानकारी के लिए केंद्रीय गृह सचिव को भी तलब किया गया है।
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बैठक में संसदीय समिति उत्तराखंड में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी के बाद इस बात पर विचार करेगी कि भीषण तबाही वाले इलाके में चल रहे राहत कार्य पर्याप्त हैं या नहीं।

समिति इस बात पर भी विचार करेगी कि सरकार को इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए या नहीं।

समिति के अध्यक्ष भाजपा नेता वेंकैया नायडू का मानना है कि तबाही के मंजर को देख सरकार को इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर देना चाहिए।
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