बजट सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने लैटर बम के माध्यम से अपनी ही सरकार के कामकाज को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सर्किल रेट इतने बढ़ा दिए गए हैं कि रजिस्ट्री होना कम हो गई है, जिससे राजस्व की हानि हो रही है।
बहुगुणा ने वर्ग-4 की भूमि पर कब्जेदारों को मालिकाना हक देने का आदेश तो हुआ, लेकिन उस पर भी सर्किल रेट मौजूदा समय का लगा दिया। इससे कोई भी कब्जेदार रजिस्ट्री नहीं करा पा रहा है, इसलिए इसे भी राज्य गठन के समय के सर्किल रेट के हिसाब से रखा जाए।
मुख्यमंत्री हरीश रावत को भेजे पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पिछले जनवरी माह में प्रदेश भर में बढ़ाए गए सर्किल रेट को गलत ठहराया।
घर खरीदने के सपने पर ग्रहण लगा रही सरकार:
बहुगुणा ने कहा कि सरकार को ये बढ़े रेट वापस लेने चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा वृद्धि होने के कारण भूमि खरीद आम आदमी की पहुंच में नहीं रह गया है।
इस बढ़ोत्तरी ने तो लोगों के अपने घर के सपने पर भी ग्रहण लगा दिया है। इसलिए बढ़ा सर्किल रेट तत्काल वापस हो। बहुगुणा ने दूसरा मुद्दा वर्ग-4 के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने का उठाया।
उन्होंने पत्र में कहा कि सर्किल रेट बढ़ जाने से कब्जेदारों में जमीन पर संक्रमणीय अधिकार प्राप्त करने की दिलचस्पी नहीं दिख रही है, क्योंकि आज के सर्किल रेट पर यह नहीं हो सकता।
जब पहले राज्य गठन के समय के सर्किल रेट तय हो गया था, इसलिए आज के रेट पर कोई तैयार नहीं है। इसलिए दोनों फैसलों को वापस लिया जाए और पट्टों के नियमितिकरण का समय बढ़ाया जाए।